राधे पटेल / गरियाबंद कोंडागांव जिले से कुदरत के कहर की एक खौफनाक तस्वीर सामने आई है। फरसगांव विकासखंड के एक गांव में प्रकृति ने ऐसा तांडव मचाया है कि गरीब किसानों की रोजी-रोटी पल भर में छिन गई। न्यूज़ वेब के रिपोर्टर शिवलाल मरकाम की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
चौंकाने वाला मामला ग्राम कोनगुड़ पोलपा पारा का है, जहां शनिवार की शाम अचानक मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया। शाम करीब 5 बजे आसमान में काले बादल घिरे और तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इसी भयानक तूफान के बीच आसमान से ऐसी गाज गिरी कि 5 मवेशियों ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
किसानों की टूट गई कमर
जानकारी के अनुसार, जिन मवेशियों की मौत हुई है, वे गांव के ही तीन अलग-अलग किसानों के थे। खेती-किसानी पर निर्भर इन परिवारों के लिए यह किसी बड़े आघात से कम नहीं है। मवेशियों की मौत से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। सिर्फ इतना ही नहीं, तेज आंधी और तूफान के कारण गांव के कई ग्रामीणों के मकानों को भी खासा नुकसान पहुंचा है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
ताजा अपडेट: प्रशासन से मुआवजे की गुहार
इस खौफनाक घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत पसरी हुई है। आसमान से बरसी इस आफत ने ग्रामीणों को डरा कर रख दिया है। पीड़ित किसानों और बेबस ग्रामीणों ने अब शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम जल्द से जल्द मौके पर पहुंचकर नुकसान का सही सर्वे करे, ताकि पीड़ितों को तत्काल राहत राशि और उचित मुआवजा मिल सके।


