राधे पटेल / गरियाबंद अभी-अभी एक बड़ा खुलासा हुआ है। नशे के काले कारोबार पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान में महासमुंद पुलिस को एक ऐतिहासिक कामयाबी मिली है। पुलिस ने करोड़ों रुपये के गांजे की तस्करी को नाकाम करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के 5 सदस्यों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
एक गुप्त सूचना के आधार पर, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) और सिंघोड़ा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एनएच-53 रेहटीखोल रोड पर सख्त नाकाबंदी की थी। पुलिस को खबर मिली थी कि ओडिशा के रास्ते एक बड़ी खेप महाराष्ट्र ले जाई जा रही है।
तभी वहां महाराष्ट्र पासिंग की दो लग्जरी गाड़ियां— एक टोयोटा फॉर्च्यूनर और एक महिंद्रा स्कॉर्पियो— पहुंचीं। शक के आधार पर जब पुलिस ने इन गाड़ियों को रोककर तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया। यह एक चौंकाने वाला मामला था क्योंकि गाड़ियों के अंदर बोरियों में भरकर भारी मात्रा में गांजा छिपाया गया था।
ओडिशा से पुणे तक का था नेटवर्क
गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने कड़ी पूछताछ में कबूल किया कि वे इस अवैध गांजे को ओडिशा के फुलबानी से लेकर महाराष्ट्र के पुणे जा रहे थे। पकड़े गए गांजे का कुल वजन 281.900 किलोग्राम है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 1 करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपये बताई जा रही है।
2 करोड़ से ज्यादा का माल जब्त
इस ताजा अपडेट के अनुसार, पुलिस ने न सिर्फ करोड़ों का गांजा पकड़ा है, बल्कि तस्करी में इस्तेमाल की जा रही करीब 65 लाख रुपये कीमत की दोनों लग्जरी गाड़ियां (फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो) और 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। कुल मिलाकर पुलिस ने 2 करोड़ 6 लाख 45 हजार रुपये का सामान जब्त किया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
प्रशांत शंकर गोले
क्षितिज वीरसेन जाधव
अक्षय नंदकुमार निगम
अभिषेक डेविड जगले
महेश काटकर
(सभी आरोपी महाराष्ट्र के निवासी बताए जा रहे हैं।)
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस करोड़ों की तस्करी के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।


