दंतेवाड़ा में माओवादियों को बड़ा झटका: 9 लाख के इनामी 5 नक्सलियों का सरेंडर, 40 घातक हथियारों का जखीरा बरामद
खास बातें (Key Highlights):

दंतेवाड़ा में ‘पूना मारगेम’ अभियान के तहत 5 नक्सलियों ने की मुख्यधारा में वापसी।
सरेंडर करने वालों में 4 महिला कैडर शामिल, सभी पर कुल 9 लाख रुपये का इनाम था घोषित।
नक्सलियों की खुफिया जानकारी पर सुरक्षाबलों ने डंप से 40 घातक हथियार (इंसास, एसएलआर) किए बरामद।
वर्ष 2024 से अब तक दंतेवाड़ा में 607 माओवादी छोड़ चुके हैं हिंसा का रास्ता।

दंतेवाड़ा: दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे संयुक्त अभियानों में सुरक्षाबलों को मंगलवार को एक ऐतिहासिक कामयाबी मिली। छत्तीसगढ़ पुलिस और प्रशासन के ‘पूना मारगेम’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान से प्रभावित होकर दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 5 कट्टर माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। मुख्यधारा में लौटने वाले इन कैडरों में 4 महिलाएं शामिल हैं और इन सभी पर कुल मिलाकर 9 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
निशानदेही पर हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद

इस सरेंडर को पुलिस के लिए दोहरी सफलता माना जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान विभिन्न नक्सली डंपों से कुल 40 घातक हथियारों का जखीरा बरामद किया गया। इनमें 8 एसएलआर (SLR), 3 इंसास राइफल, 1 कार्बाइन, 1 थ्री-नॉट-थ्री (303) राइफल और 5 बीजीएल (BGL) लॉन्चर शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों की बरामदगी से माओवादी संगठन की सैन्य क्षमता को गहरा आघात पहुंचा है।
कौन हैं सरेंडर करने वाले माओवादी?
पुलिस लाइन कारली में आयोजित आत्मसमर्पण कार्यक्रम में बताया गया कि ये नक्सली संगठन के विभिन्न अहम पदों पर सक्रिय थे:
सोमे कड़ती (42 वर्ष): भैरमगढ़ एरिया कमेटी का एसीएम (ACM)। इस पर सबसे ज्यादा 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
लखमा ओयाम (19 वर्ष): भैरमगढ़ एरिया कमेटी का पार्टी सदस्य (1 लाख का इनाम)।
सरिता पोड़ियाम (21 वर्ष): भैरमगढ़ एरिया कमेटी की पार्टी सदस्य (1 लाख का इनाम)।
जोगी कलमू (20 वर्ष): भैरमगढ़ एरिया कमेटी की पार्टी सदस्य (1 लाख का इनाम)।
मोटी ओयाम (19 वर्ष): गंगालूर एरिया कमेटी की पार्टी सदस्य (1 लाख का इनाम)।
‘पूना मारगेम’ अभियान से आ रहा बस्तर में बदलाव
बस्तर रेंज के आईजी (IG) सुंदरराज पी. ने इस मौके पर कहा कि ‘पूना मारगेम’ पहल का मुख्य उद्देश्य भटके हुए युवाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देना है। आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के तहत दंतेवाड़ा जिले में साल 2024 से लेकर अब तक 607 माओवादी हिंसा त्याग कर सामाजिक जीवन में लौट चुके हैं। इसके अलावा, पुलिस-नक्सली मुठभेड़ों में 54 माओवादी मारे गए हैं और 92 को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यधारा में लौटे इन युवाओं को भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत सहायता राशि और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इस गरिमामय कार्यक्रम में सीआरपीएफ के डीआईजी राकेश चौधरी, दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश ध्रुव, एसपी गौरव राय और सीआरपीएफ 111वीं वाहिनी के कमांडेंट गोपाल यादव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


