रायपुर | 27 मार्च, 2026
छत्तीसगढ़ सरकार ने एक कड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 2003 बैच के वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी और आईजी (IG) रैंक के अधिकारी रतन लाल डांगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक विभागीय जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें उनके खिलाफ लगे आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया है।
क्या है पूरा मामला?

यह विवाद पिछले साल अक्टूबर 2025 में तब शुरू हुआ जब एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) की पत्नी ने रतन लाल डांगी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। शिकायतकर्ता महिला का आरोप था कि जब डांगी कोरबा में एसपी (SP) के पद पर तैनात थे, तब से वे उनके संपर्क में थे। महिला ने उन पर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न के साथ-साथ पद के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया था।
महिला ने दावा किया कि अधिकारी ने उन पर वीडियो कॉल के जरिए संपर्क में रहने और उनकी अनुपस्थिति में उनके बंगले पर आने का दबाव बनाया। इसके अलावा, शिकायत में यह भी कहा गया कि महिला को उनके पति के ट्रांसफर का डर दिखाकर डराया-धमकाया गया।
सरकार का सख्त रुख और निलंबन आदेश
राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि अधिकारी का आचरण एक वरिष्ठ पद की गरिमा के अनुकूल नहीं था। आदेश के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
सेवा नियमों का उल्लंघन: डांगी का व्यवहार अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 के प्रावधानों का उल्लंघन माना गया है।
छवि को नुकसान: सोशल मीडिया पर अधिकारी से संबंधित कुछ ‘आपत्तिजनक सामग्री’ और तस्वीरें वायरल होने के बाद विभाग की छवि धूमिल हुई, जिसे सरकार ने गंभीरता से लिया है।
मुख्यालय में अटैच: निलंबन की अवधि के दौरान रतन लाल डांगी का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) तय किया गया है। वे बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
अधिकारी का पक्ष: “ब्लैकमेलिंग की साजिश”
वहीं, रतन लाल डांगी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। निलंबन से पहले दिए गए बयानों में उन्होंने दावा किया था कि उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है और महिला उन्हें लंबे समय से ब्लैकमेल कर रही थी। उन्होंने राज्य के डीजीपी (DGP) को भी पत्र लिखकर शिकायतकर्ता महिला के खिलाफ जबरन वसूली और ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई थी।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल मामले की विभागीय जांच (Departmental Inquiry) जारी है। जांच समिति में वरिष्ठ अधिकारी आनंद छाबड़ा (IG) और मिलना कुर्रे (DIG) शामिल हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है, लेकिन इस निलंबन ने प्रदेश के पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है।


