रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी में कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद पुलिस अपराधियों पर काल बनकर टूट रही है। इसी कड़ी में क्राइम एंड साइबर यूनिट (A.C.C.U) और थाना तेलीबांधा की टीम ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर देश के शातिर ठग अमन शर्मा को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी अमन शर्मा न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश के 09 अलग-अलग राज्यों में ठगी की 22 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है।

कैसे जाल में फंसा अंतर्राज्यीय ठग?
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब थाना तेलीबांधा क्षेत्र के एक ट्रेवल व्यवसायी ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) के नाम पर गिरोह ने व्यवसायी से बड़ी रकम ऐंठी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया।
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी इनपुट के आधार पर दूसरे राज्यों में रेड की। जांच में पता चला कि अमन शर्मा एक संगठित गिरोह चला रहा था, जिसके दो सदस्य पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुके थे। गिरोह का सरगना अमन शर्मा लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, लेकिन रायपुर पुलिस की मुस्तैदी ने उसे अंततः दबोच लिया।
09 राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क
अमन शर्मा का गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने:
विदेशी मुद्रा के नाम पर करोड़ों की ठगी: गिरोह भोले-भले व्यापारियों को विदेशी करेंसी सस्ते में दिलाने का लालच देकर अपना शिकार बनाता था।
अन्तर्राज्यीय सक्रियता: आरोपी ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 09 राज्यों में ठगी के जाल बिछा रखे थे।
22 से अधिक मामले: अब तक की जांच में 22 प्रमुख घटनाओं में इसकी संलिप्तता पाई गई है।
कमिश्नरी सिस्टम का असर
रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली में तेजी देखी जा रही है। विशेषकर A.C.C.U और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर तालमेल के कारण अंतर्राज्यीय अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव हो पा रही है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और ठगी की कमाई से बनाई गई संपत्तियों की जांच कर रही है।
पुलिस की अपील: “किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ विदेशी मुद्रा या संदिग्ध स्कीमों में लेनदेन न करें। यदि आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल को सूचित करें।”
| विवरण | जानकारी |
| मुख्य आरोपी | अमन शर्मा |
| राज्यों की संख्या | 09 राज्य |
| कुल घटनाएं | 22 वारदातें |
| संयुक्त टीम | ACCU एवं थाना तेलीबांधा |
| ठगी का माध्यम | विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) |


