अमेरिका-ईरान तनाव: ट्रम्प ने 10 दिन तक हमले टालने का किया ऐलान, बातचीत को बताया सकारात्मक
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने गुरुवार (26 मार्च 2026) रात व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर अगले 10 दिनों तक कोई हमला नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत “काफी सकारात्मक” दिशा में आगे बढ़ रही है।

ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि ईरान सरकार के अनुरोध पर 6 अप्रैल 2026 तक हमलों को टाल दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि “फेक न्यूज़ मीडिया” की रिपोर्ट्स के विपरीत, दोनों देशों के बीच बातचीत अच्छी तरह चल रही है।
इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में, सोमवार को भी ट्रम्प ने दावा किया था कि ईरान के साथ “बेहद उत्पादक” बातचीत हो रही है। इसी वजह से उन्होंने पांच दिनों तक संभावित सैन्य कार्रवाई को रोके रखा था। उन्होंने कहा था कि अगर समझौता होता है, तो यह पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद होगा।
ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की मोहलत बढ़ी
अमेरिकी सेना पहले ही ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले की तैयारी कर चुकी थी। सोमवार को दी गई पांच दिन की मोहलत शुक्रवार (29 मार्च) को खत्म होने वाली थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 10 दिन कर दिया गया है। ट्रम्प के अनुसार, यह फैसला ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के उद्देश्य से लिया गया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि हमले टलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।
पाकिस्तान की संभावित मध्यस्थता
कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान ने हार्मूज़ जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति देकर सैन्य दबाव का संकेत दिया है। उनके मुताबिक, करीब 10 तेल टैंकर, जिनमें से कुछ पर पाकिस्तानी झंडा था, इस मार्ग से गुजरे।
वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए पाकिस्तान को एक उपयुक्त मंच बताया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सहमति होने पर पाकिस्तान “गंभीर और निर्णायक बातचीत” की मेजबानी के लिए तैयार है।
ट्रम्प ने भी शरीफ के इस प्रस्ताव को सोशल मीडिया पर साझा कर अप्रत्यक्ष समर्थन दिया। इससे पहले यह भी खबरें सामने आई थीं कि अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को एक प्रस्ताव भेजा है।
ईरान ने दावों को किया खारिज
अमेरिका के दावों पर ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने ट्रम्प के बयानों को “फेक न्यूज़” बताते हुए खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और इज़राइल अपनी स्थिति छिपाने के लिए अफवाहें फैला रहे हैं। वहीं ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने स्पष्ट कहा कि युद्ध जैसी स्थिति में अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है।
ईरानी सरकार के अनुसार, न तो कोई सीधी और न ही अप्रत्यक्ष वार्ता हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी बातचीत की संभावना केवल उनकी शर्तों पर ही निर्भर करेगी।
आगे क्या?
हालांकि ट्रम्प प्रशासन बातचीत को सकारात्मक बता रहा है, लेकिन ईरान ने इसे सिरे से नकार दिया है। ऐसे में स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है।
दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष संदेशों का आदान-प्रदान जारी है, जिसमें पाकिस्तान की भूमिका अहम मानी जा रही है। इस बीच, अमेरिका ने मध्य पूर्व में अतिरिक्त सैनिक तैनात किए हैं, जबकि दोनों पक्षों के बीच तनाव और हमले जारी हैं।
अब नजर इस बात पर है कि क्या पाकिस्तान की मध्यस्थता से कोई ठोस बातचीत संभव हो पाएगी या नहीं।
स्रोत: अमेरिकी और ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार


