राधे पटेल / गरियाबंद धमतरी जिले से अतिक्रमणकारियों के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। रेलवे के विस्तार में रोड़ा बन रहे अवैध निर्माणों पर 6 अप्रैल की सुबह-सुबह ही रेलवे और जिला प्रशासन का बुलडोजर पूरी ताकत के साथ गरज पड़ा है।
5 अप्रैल तक का था अल्टीमेटम, सुबह होते ही टूटने लगे मकान मिली जानकारी के अनुसार, रेलवे ट्रैक और स्टेशन के आसपास बसे करीब 70 अवैध दुकानों और मकानों को प्रशासन ने पहले ही नोटिस थमा दिया था। उन्हें 5 अप्रैल तक अपनी जगह खाली करने का सख्त निर्देश दिया गया था। मियाद खत्म होते ही, आज सुबह मौके पर 4 भारी-भरकम बुलडोजर उतारे गए। देखते ही देखते एक के बाद एक कई अवैध निर्माण भरभरा कर जमींदोज हो गए।

छावनी में तब्दील हुआ इलाका, 100 जवानों का पहरा बुलडोजर एक्शन के दौरान किसी भी तरह के विरोध, बवाल या हंगामे से निपटने के लिए सुरक्षा के बेहद पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। मौके पर रेलवे पुलिस और जिला पुलिस के करीब 100 जवान अलर्ट मोड पर तैनात किए गए थे। स्थिति पर नजर रखने के लिए रेलवे के आला अफसर, धमतरी SDM, नगर निगम कमिश्नर, तहसीलदार, पटवारी और कोटवार भी ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद रहे।

आखिर क्यों लिया गया यह ‘बड़ा एक्शन’? आपको बता दें कि धमतरी में रेलवे का एक बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है। मई महीने के अंत तक यहाँ ‘बड़ी रेल लाइन’ (ब्रॉडगेज) और नए रेलवे स्टेशन का काम हर हाल में पूरा किया जाना है। इसी महत्वपूर्ण डेडलाइन को देखते हुए रेलवे अब पूरे एक्शन मोड में है। साफ है कि विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए सभी अवैध अतिक्रमणों को अब बिना किसी रियायत के सख्ती से हटाया जा रहा है।


