तौरेंगा परिक्षेत्र के जरहीडीह-शोभा जंगल में दिनदहाड़े घटना से ग्रामीणों में दहशत, पंजों के निशान मिलने के बाद वन विभाग अलर्ट
मैनपुर। गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में वन्यजीवों की सक्रियता से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। तौरेंगा परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम जरहीडीह और शोभा के समीप सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे जंगल किनारे चर रहे एक मवेशी पर तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद वन विभाग ने मौके का निरीक्षण किया और क्षेत्र में बाघ की संभावित मौजूदगी को लेकर भी तलाश तेज कर दी है।
गले और मुंह पर हमला, ग्रामीणों के शोर से जंगल में भागा तेंदुआ
मवेशी जंगल के किनारे घास चर रहा था। इसी दौरान तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। हमले में मवेशी के गले और मुंह पर गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान हो गया।
मवेशी की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े और शोर मचाने लगे। लोगों की आवाज सुनकर तेंदुआ मवेशी को छोड़कर घने जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
पंजों के निशान मिलने पर वन विभाग ने किया निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलते ही जरहीडीह निवासी युवा भुआर्य पटेल उर्फ गोलू ने वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग के एसडीओ गोपाल कश्यप के नेतृत्व में टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
मौके पर वन्यजीव के पंजों और नाखूनों के निशान मिलने की जानकारी सामने आई है। विभागीय स्तर पर हमले को तेंदुए का हमला बताया गया है। घटना के बाद वन अमला आसपास के क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है।
टाइगर की मौजूदगी की भी आशंका, कुल्हाड़ीघाट से आने की चर्चा
तेंदुए के हमले के बाद वन विभाग की चिंता इस बात को लेकर भी बढ़ गई है कि क्षेत्र में बाघ की गतिविधियां होने की आशंका जताई जा रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार, कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र से बाघ के इस इलाके में आने की संभावना को देखते हुए वन अमला लगातार गश्त और तलाश कर रहा है।
हालांकि, बाघ की मौजूदगी की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में वन विभाग की निगरानी और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व वन्यजीवों का महत्वपूर्ण आवास है, जहां वन्यजीव संरक्षण के साथ आसपास के गांवों की सुरक्षा भी अहम है।
मवेशी मालिक की तलाश, मुआवजा प्रकरण अभी लंबित
हमले में घायल मवेशी का मालिक फिलहाल अज्ञात बताया जा रहा है। वन विभाग के अनुसार, मालिक की पहचान नहीं होने के कारण अभी तक क्षतिपूर्ति का प्रकरण तैयार नहीं हो सका है। विभाग आसपास के गांवों में मवेशी मालिक की तलाश कर रहा है, ताकि पहचान होने के बाद नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
वन विभाग की ग्रामीणों से अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को जंगल और उसके किनारों पर अकेले जाने से बचने, मवेशियों को खुले में लावारिस नहीं छोड़ने तथा वन्यजीव दिखाई देने पर उसके नजदीक जाने या उसे खदेड़ने की कोशिश नहीं करने की सलाह दी गई है।
विभाग ने कहा है कि वन्यजीव दिखाई देने या किसी अप्रिय घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल वन अमले को सूचित करें। तेंदुए के हमले और बाघ की संभावित गतिविधियों को देखते हुए ग्रामीणों की सतर्कता तथा वन विभाग की निगरानी फिलहाल बेहद महत्वपूर्ण है।
सावधान: तस्वीर विचलित कर सकती है। यह तस्वीर घटनास्थल पर ली गई है। इसमें घायल मवेशी की दर्दनाक स्थिति दिखाई दे सकती है। कृपया छोटे बच्चों को यह तस्वीर न दिखाएं। पाठक अपने विवेक से तस्वीर देखें।






