राधेश्याम पटेल / गरियाबंद
कवर्धा (छत्तीसगढ़) | छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक ऐसा कानूनी मामला सामने आया है जिसने सबको चौंका दिया है। आमतौर पर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए पहचाने जाने वाले पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत, कवर्धा पुलिस ने एक महिला को नाबालिग लड़के के साथ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया है।
घटना का विवरण: सोशल मीडिया से होटल तक

पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से शुरू हुआ था। आरोपी महिला और पीड़ित नाबालिग लड़के के बीच इंटरनेट के माध्यम से परिचय हुआ, जो धीरे-धीरे मुलाकातों में बदल गया। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि 1 मार्च को महिला ने उसे भोरमदेव रोड स्थित एक होटल में बुलाया, जहाँ उसके साथ गलत काम किया गया।
डरा-सहमा था पीड़ित, एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
नाबालिग ने पुलिस को बताया कि वह महिला के डर और उसकी डांट के कारण काफी समय तक चुप रहा। अंततः साहस जुटाकर उसने परिजनों और पुलिस को इस बारे में जानकारी दी। कवर्धा एसपी धर्मेंद्र सिंह के संज्ञान में मामला आने के बाद, पुलिस ने त्वरित जांच की और आरोपों की पुष्टि होते ही महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया।
कानून का जेंडर न्यूट्रल पहलू
यह मामला कानूनी रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समाज की उस सोच को चुनौती देता है कि केवल पुरुष ही अपराधी हो सकते हैं। पॉक्सो एक्ट, 2012 एक ‘जेंडर न्यूट्रल’ कानून है, जिसका अर्थ है कि 18 वर्ष से कम उम्र का कोई भी बच्चा (लड़का या लड़की) यदि यौन शोषण का शिकार होता है, तो वह इस कानून के तहत सुरक्षा पाने का हकदार है।
पुलिस की अगली कार्रवाई
फिलहाल पुलिस होटल के रिकॉर्ड्स, सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया चैट्स खंगाल रही है। महिला को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।


