राधेश्याम पटेल / गरियाबंद महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला कांग्रेस कार्यालय में गुरुवार को उस समय असहज स्थिति निर्मित हो गई, जब पार्टी के दो वरिष्ठ पदाधिकारी आपस में भिड़ गए। महंगाई के मुद्दे पर आयोजित प्रेस वार्ता के तुरंत बाद शुरू हुआ यह विवाद मारपीट और तोड़फोड़ तक जा पहुँचा। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
प्रमुख घटनाक्रम:
आयोजन: जिला अध्यक्ष द्वारा केंद्र सरकार की नीतियों और महंगाई के खिलाफ प्रेस वार्ता बुलाई गई थी।
विवाद का कारण: कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की सीमित उपस्थिति को लेकर नेताओं के बीच असंतोष था।
हाथापाई: बहस के दौरान पूर्व जिला कोषाध्यक्ष निर्मल जैन और वर्तमान जिला उपाध्यक्ष व पार्षद विजय साव के बीच धक्का-मुक्की शुरू हुई, जिसने हिंसक रूप ले लिया।
कार्यालय में तोड़फोड़ और क्षति
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ा कि कार्यालय में रखी कुर्सियां तोड़ दी गईं और फर्नीचर को नुकसान पहुँचाया गया। हंगामे के चलते प्रेस वार्ता के बाद का माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी सामान क्षतिग्रस्त हो चुका था।
राज्यसभा पद से हटाए जाने पर राघव चड्ढा का छलका दर्द; AAP से पूछा- ‘क्या मैंने कोई गलती की है?’अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत
घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिला अध्यक्ष ने इसे अनुशासनहीनता का गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि:
“पार्टी कार्यालय के भीतर इस तरह का आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) को भेजी जा रही है, ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।”
गुटबाजी की चर्चा तेज
प्रदेश में हालिया चुनावी हार के बाद कांग्रेस के भीतर यह अंदरूनी कलह का पहला मामला नहीं है। राजनीतिक हलकों में इस घटना को संगठन के भीतर व्याप्त गुटबाजी और असंतोष के प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है।


