मैनपुर: शिक्षा के प्रति उत्साह और भारतीय संस्कृति के संगम के साथ मैनपुर से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित डी.ए.वी. मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल देहारगुड़ा में नए शैक्षणिक सत्र का आगाज हुआ। संस्था प्रमुख अजय नागेश के मार्गदर्शन में आयोजित इस ‘शाला प्रवेशोत्सव’ ने न केवल नए छात्रों का स्वागत किया, बल्कि शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक सकारात्मक वातावरण भी तैयार किया।

तिलक और मिठाई से हुआ नवप्रवेशियों का स्वागत
स्कूल के पहले दिन छोटे बच्चों के मन से स्कूल का भय दूर करने और उनमें शिक्षा के प्रति ललक जगाने के लिए भव्य तैयारी की गई थी। सभी नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का स्वागत पारंपरिक रूप से गुलाल लगाकर और मिठाई खिलाकर किया गया। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य नामांकन बढ़ाना और बच्चों को स्कूल के प्रति आकर्षित करना रहा।

वैदिक यज्ञ से महका विद्यालय परिसर
इस अवसर पर विद्यालय में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए एक भव्य वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। संस्कृत शिक्षक अग्निहोत्र साहू के सानिध्य में मंत्रोच्चार के बीच शुद्ध देसी घी और विशेष हवन सामग्री से आहुतियां दी गईं। आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुए इस अनुष्ठान में संस्था प्रमुख मुख्य यजमान के रूप में सम्मिलित हुए।

प्रमुख अंश:
सांस्कृतिक एकता: यज्ञ में शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में शामिल हुए, जो सामूहिक एकता और भारतीय परंपरा का अनूठा उदाहरण बना।
संस्था प्रमुख का संदेश: श्री अजय नागेश ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा, “शिक्षा न केवल हमारे जीवन स्तर को सुधारती है, बल्कि समाज में हमारी वास्तविक पहचान भी सुनिश्चित करती है।”
उद्देश्य: शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के महत्व को रेखांकित करने और बच्चों को स्कूल से जोड़ने की एक यादगार पहल है।

वैदिक मंत्रों की गूंज और बच्चों की किलकारियों के साथ देहारगुड़ा के इस एकमात्र सीबीएसई स्कूल में नए सत्र की शुरुआत बेहद उत्साहजनक रही। अंत में संस्था प्रमुख ने सभी बच्चों को उनके सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।



