मैनपुर (गरियाबंद): विकासखंड मैनपुर में इन दिनों प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम का पद रिक्त होने से न केवल सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है, बल्कि आम जनता को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उरमाल कांड के बाद उपजी रिक्तता
जानकारी के अनुसार, ग्राम उरमाल में हुए विवादित ‘ओपेरा कांड’ के बाद तत्कालीन एसडीएम तुलसीदास मरकाम को उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया था। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से मैनपुर में स्थायी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो पाई है, जिससे क्षेत्र में प्रशासनिक शून्यता की स्थिति बनी हुई है।
वर्तमान में मैनपुर एसडीएम का अतिरिक्त प्रभार रामसिंह सोरी को सौंपा गया है। श्री सोरी पहले से ही देवभोग में पदस्थ हैं और वहां की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। एक ही अधिकारी के लिए दो बड़े और चुनौतीपूर्ण विकासखंडों को एक साथ संभालना व्यावहारिक रूप से काफी कठिन साबित हो रहा है।
दो विकासखंडों का बोझ, बेबस व्यवस्था

रामसिंह सोरी अकेले ही देवभोग और मैनपुर जैसे क्षेत्रों का कार्यभार देख रहे हैं। प्रभार में होने के कारण वे नियमित रूप से मैनपुर कार्यालय को समय नहीं दे पा रहे हैं। इसका सीधा असर क्षेत्र के प्रशासनिक नियंत्रण और विकास कार्यों पर पड़ रहा है। मैनपुर के निवासियों का कहना है कि अधिकारी के न होने से फाइलों का अंबार लग गया है।
आम जनता और प्रशासनिक कार्यों में अड़चनें
एसडीएम कार्यालय में जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र से लेकर राजस्व विभाग के सैकड़ों मामले लंबित पड़े हैं।
दूरी की मार: ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोग कई किलोमीटर का सफर तय कर मैनपुर कार्यालय पहुँचते हैं, लेकिन साहब के उपलब्ध न होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।
प्रशासनिक विलंब: महत्वपूर्ण शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और फाइलों के निपटारे में देरी हो रही है।
जनता की परेशानी: आम जनों के रोजमर्रा के कार्यों के साथ-साथ गंभीर राजस्व मामलों में भी अड़चनें आ रही हैं, जिससे लोगों में रोष व्याप्त है।
शासन को सुध लेने की जरूरत
क्षेत्र की जनता और स्थानीय जानकारों का मानना है कि शासन को इस संवेदनशील विषय पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। एक ओर जहां सरकार सुशासन और त्वरित कार्यप्रणाली का दावा करती है, वहीं मैनपुर जैसे क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद का खाली होना इन दावों पर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि मैनपुर में जल्द से जल्द एक पूर्णकालिक एसडीएम की नियुक्ति की जाए, ताकि रुकी हुई व्यवस्थाएं फिर से पटरी पर लौट सकें और आम जनता को राहत मिल सके।


