केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लगातार नौवीं बार संसद में यूनियन बजट पेश किया। बजट 2026 के साथ ही भारत की पड़ोसी देशों को दी जाने वाली आर्थिक मदद को लेकर बड़ा संकेत सामने आया है। भारत ने बांग्लादेश के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच उसे दी जाने वाली आर्थिक सहायता में भारी कटौती की है।
बांग्लादेश को बड़ा झटका, मदद 120 करोड़ से घटकर 60 करोड़
एक फरवरी को पेश हुए बजट दस्तावेजों के मुताबिक, भारत ने बांग्लादेश को दी जाने वाली आर्थिक मदद को आधा कर दिया है। पहले जहां बांग्लादेश को 120 करोड़ रुपये की सहायता मिलती थी, अब यह घटकर सिर्फ 60 करोड़ रुपये रह गई है। माना जा रहा है कि भारत-बांग्लादेश संबंधों में आई तल्खी का असर बजट आवंटन पर भी साफ दिखा है।
भूटान, नेपाल और श्रीलंका को मिली राहत
जहां बांग्लादेश की मदद में कटौती की गई है, वहीं भारत ने अपने अन्य पड़ोसी देशों भूटान, नेपाल और श्रीलंका की आर्थिक सहायता बढ़ा दी है। भूटान के लिए सबसे ज्यादा 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए मदद को 2289 करोड़ रुपये कर दिया गया है। भारत भूटान में चल रहे कई विकास प्रोजेक्ट्स में लगातार सहयोग करता रहा है।
नेपाल को दी जाने वाली आर्थिक मदद में 14 प्रतिशत का इजाफा किया गया है, जिसके बाद नेपाल को कुल 800 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं श्रीलंका के लिए सहायता राशि में करीब एक तिहाई की बढ़ोतरी करते हुए इसे 400 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
अफगानिस्तान की मदद बरकरार
बजट में अफगानिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद को पहले की तरह 150 करोड़ रुपये पर ही बरकरार रखा गया है। इसके साथ ही सरकार ने ‘Aids to Countries’ मद के तहत कुल 5,686 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
बजट 2026 साफ संकेत देता है कि भारत अब आर्थिक सहायता के जरिए अपने पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को रणनीतिक तौर पर मजबूत या संतुलित करने की नीति पर आगे बढ़ रहा है।


